Dec. 15, 2022
मंगलवार 13 दिसंबर 2022
प्रिय दैनिकी,
शुभदिवास ।
अभी 11:04 है और मैं डॉक्टर के पास हूँ । मैं प्रतीक्षाल में बैठते हुए डॉक्टर का इंतज़ार कर रही हूँ ।
मैंने बस अभी इस रेडियो को देखा है । मैंने कभी नहीं पहले ऐसी अजीब दृष्य को देखा । आप आमतौर पर हॉलंड में प्रतीक्षालों में रेडियो मिल सकते हैं ।
लेकिन एक रेडियो-अलार्म घड़ी देखना ? यह असाधारण है और मैंने यह देखकर दबी सी हँसी हँस दी ।
मैं फ़र्ज़ करती हूँ कि यह रेडियो-अलार्म घड़ी वास्तव में “एक पंथ दो काज” के मुहावरे का उदाहरण है । मेरा मतलब यह है की यह घड़ी एक ही काम करने के बजाय दो काम करती हैं: समय दिखती है और लोगों को बहुत ज़्यादा ऊबने से रोकती है ।
ठीक है, डॉक्टर साहब आ गए हैं । हम बाद में बात करते हैं ।
शुभ दिन ।
नमस्ते ।
December diary entry 4
मंगलवार 13 दिसंबर 2022
प्रिय दैनिकी,
शुभ दिवास स।
शुभ दिवस।
अभी 11:04 बजे हैं और मैं डॉक्टर के पास हूँ । मैं प्रतीक्षालय में बैठते हुएकर डॉक्टर का इंतज़ार कर रही हूँ ।
अभी 11:04 बजे हैं और मैं डॉक्टर के पास हूँ। मैं प्रतीक्षालय में बैठकर डॉक्टर का इंतज़ार कर रही हूँ।
मैंने बस अभी-अभी इसयह रेडियो को देखा है । मैंने कभी नहीं पहले ऐसीपहले कभी इतना अजीब दृषश्य कोनहीं देखा । आप आमतौर पर हॉलंड मेंहॉलैंड में आमतौर पर प्रतीक्षालयों में रेडियो मिल सकजाते हैं ।
मैंने अभी-अभी यह रेडियो देखा है। मैंने पहले कभी इतना अजीब दृश्य नहीं देखा। हॉलैंड में आमतौर पर प्रतीक्षालयों में रेडियो मिल जाते हैं।
लेकिन एक रेडियो-अलार्म घड़ी देखना ?
लेकिन एक रेडियो-अलार्म घड़ी?
यह असाधारण है, और मैंने यह देखकर दबी सी हँसी हँस दी इसे देखकर मुझे हँसी आ गई।
यह असाधारण है, और इसे देखकर मुझे हँसी आ गई।
मैं फ़र्ज़ करती हूँुझे लगता है कि यह रेडियो-अलार्म घड़ी वास्तव में “"एक पंथ दो काज” के" मुहावरे का अच्छा उदाहरण है । मेरा मतलब यह है कीि यह घड़ी एक ही काम करने के बजाय दो काम करती हैं: —समय दिखाती है और लोगों को बहुत ज़्यादा ऊबने से रोकती है नहीं देती।
मुझे लगता है कि यह रेडियो-अलार्म घड़ी वास्तव में "एक पंथ दो काज" मुहावरे का अच्छा उदाहरण है। मेरा मतलब यह है कि यह घड़ी एक काम करने के बजाय दो काम करती है—समय दिखाती है और लोगों को ज़्यादा ऊबने नहीं देती।
ठीक है, डॉक्टर साहब आ गए हैं । हम बाद में बात करते हैं ।
ठीक है, डॉक्टर साहब आ गए हैं। हम बाद में बात करते हैं।
शुभ दिन ।
शुभ दिन।
नमस्ते ।
नमस्ते।
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December diary entry 4 This sentence has been marked as perfect! |
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मंगलवार 13 दिसंबर 2022 This sentence has been marked as perfect! |
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प्रिय दैनिकी, This sentence has been marked as perfect! |
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शुभदिवास ।
शुभ दिव |
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अभी 11:04 है और मैं डॉक्टर के पास हूँ । मैं बैठते हुए |
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प्रतीक्षाल में डॉक्टर का इंतज़ार कर रही हूँ । |
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मैंने बस अभी इस रेडियो को देखा है । मैंने कभी नहीं पहले ऐसी अजीब दृष्य को देखा । आम की बात है कि आप हॉलंड में प्रतीक्षालों में रेडियो मिल सकते है । लेकिन एक रेडियो-अलार्म घड़ी देखना ? |
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यह बिल्कुल ख़ास है और मैंने यह देखकर दबी सी हँसी हँस दी । |
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मैं फ़र्ज़ करती हूँ कि यह रेडियो-अलार्म घड़ी वास्तव में एक काम करने के बजाय दो काम करती हैं: समय दिखती है और लोगों को बहुत ज़्यादा ऊबने से रोकती है । |
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ठीक है, डॉक्टर साहब आ गए हैं । हम बाद में करते हैं । |
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शुभ दिन ।
शुभ दिन |
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नमस्ते ।
नमस्ते |
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मैंने बस अभी इस रेडियो को देखा है । मैंने कभी नहीं पहले ऐसी अजीब दृष्य को देखा । आम की बात है कि आप हॉलंड में प्रतीक्षालों में रेडियो मिल सकते हैं । लेकिन एक रेडियो-अलार्म घड़ी देखना ? |
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अभी 11:04 है और मैं डॉक्टर के पास हूँ । मैं प्रतीक्षाल में बैठते हुए डॉक्टर का इंतज़ार कर रही हूँ ।
अभी 11:04 बजे हैं और मैं डॉक्टर के पास हूँ |
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मैंने बस अभी इस रेडियो को देखा है । मैंने कभी नहीं पहले ऐसी अजीब दृष्य को देखा । आप आमतौर पर हॉलंड में प्रतीक्षालों में रेडियो मिल सकते हैं ।
मैंने |
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लेकिन एक रेडियो-अलार्म घड़ी देखना ?
लेकिन एक रेडियो-अलार्म घड़ी |
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यह असाधारण है और मैंने यह देखकर दबी सी हँसी हँस दी ।
यह असाधारण है, और |
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मैं फ़र्ज़ करती हूँ कि यह रेडियो-अलार्म घड़ी वास्तव में “एक पंथ दो काज” के मुहावरे का उदाहरण है । मेरा मतलब यह है की यह घड़ी एक ही काम करने के बजाय दो काम करती हैं: समय दिखती है और लोगों को बहुत ज़्यादा ऊबने से रोकती है ।
म |
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ठीक है, डॉक्टर साहब आ गए हैं । हम बाद में बात करते हैं ।
ठीक है, डॉक्टर साहब आ गए हैं |
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